चंडीगढ़ | पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER), चंडीगढ़ के एडवांस्ड कार्डियक सेंटर ने कार्डियक चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान की टीम ने मुंबई में आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन में एक जटिल हृदय प्रक्रिया का सफलतापूर्वक लाइव टेलीकास्ट किया, जिसे देश-विदेश के हजारों हृदय रोग विशेषज्ञों ने देखा। इस लाइव सर्जरी को PGI की अत्याधुनिक कैथ लैब से सीधा प्रसारित किया गया।
बाईपास के बाद जटिल स्थिति, हाईटेक तकनीक से इलाज
यह प्रक्रिया एक ऐसे मरीज पर की गई, जिसकी पूर्व में दो बार हृदय संबंधित सर्जरी हो चुकी थी और उसे फिर से सीने में दर्द की शिकायत हो रही थी। जांच में पाया गया कि उसके पुराने स्टंट के पास और अन्य धमनियों में फिर से रुकावट आ गई थी।
इसके बाद डॉ. राजेश विजयवर्गीय के नेतृत्व में PGI की टीम ने मरीज की दो प्रमुख नाड़ियों का सफलतापूर्वक इलाज किया। इस दौरान इंट्रावैस्कुलर अल्ट्रासाउंड (IVUS) और ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी (OCT) जैसी विश्वस्तरीय उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल किया गया, जो भारत के कुछ चुनिंदा चिकित्सा संस्थानों में ही उपलब्ध हैं।
लाइव टेलीकास्ट से विशेषज्ञों को मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
इस हाई-रिस्क ऑपरेशन का सीधा प्रसारण न केवल एक शैक्षणिक उपलब्धि था बल्कि सर्जरी के दौरान देश-विदेश के विशेषज्ञों के बीच गहन चर्चा भी हुई। उन्होंने उपयोग की गई तकनीकों, दवाओं और सर्जिकल रणनीतियों पर विचार साझा किए, जिससे हृदय रोग विशेषज्ञों को अत्यंत जटिल मामलों में इलाज की नई दिशा मिली।
डॉ. विजयवर्गीय ने कहा कि इस तरह की सर्जरी अत्यधिक अनुभव और सतर्कता की मांग करती है और इसका लाइव डेमोंस्ट्रेशन एक ट्रेनिंग मॉडल के रूप में काम करता है।