Dharamshala, 4 July
बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा के 90वें जन्मदिवस के अवसर पर धर्मशाला स्थित मैक्लोडगंज में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उल्लास का वातावरण देखने को मिला। देश-विदेश से आए हजारों तिब्बती अनुयायियों ने इस दिन को एक आध्यात्मिक पर्व के रूप में मनाया।
इस ऐतिहासिक अवसर पर तिब्बती निर्वासित सरकार (Central Tibetan Administration – CTA) के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। CTA सांसद तेंजिन जिगडेल ने कहा कि यह दिन तिब्बती समुदाय के लिए गर्व और आशा का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि दलाई लामा ने यह स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी दलाई लामा संस्था की परंपरा बनी रहेगी, और अगली नियुक्ति गाडेन फोडरंग ट्रस्ट के माध्यम से बौद्ध परंपराओं के अनुरूप की जाएगी।तेंजिन जिगडेल ने यह भी कहा कि, “दलाई लामा की चयन प्रक्रिया एक आध्यात्मिक विषय है, जिसमें किसी राजनीतिक हस्तक्षेप की कोई जगह नहीं है।”
ETG सांसद नामग्याल डोलकर लाहग्यारी ने कहा कि दलाई लामा ने पिछले 90 वर्षों में शांति, करुणा और मानवता के संदेश को दुनिया तक पहुँचाया है। उन्होंने ज़ोर दिया कि अगली दलाई लामा की नियुक्ति गंभीर, धार्मिक और पारंपरिक प्रक्रियाओं के तहत ही की जाएगी।धर्मशाला में इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। उपस्थित श्रद्धालुओं ने दलाई लामा की दीर्घायु और स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की।