चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार अब राज्य के युवाओं को जर्मनी, रूस, नार्वे और स्लोवाकिया जैसे देशों में कृषि उत्पादों से जुड़ी फैक्ट्रियों और वेयरहाउसिंग परियोजनाओं में काम करने का अवसर देने जा रही है। इस पहल के तहत जर्मनी और रूस में 50-50 तथा नार्वे और स्लोवाकिया में 25-25 युवाओं को रोजगार के लिए भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार ने यह प्रक्रिया हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से शुरू की है ताकि युवाओं को विदेश में सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से रोजगार मिल सके। इच्छुक उम्मीदवारों को 11 जुलाई 2025 तक HKRN पोर्टल पर आवेदन करना होगा। पोर्टल पर नौकरियों से संबंधित सभी शर्तें और आवश्यकताएं भी उपलब्ध हैं।
हरियाणा सरकार इससे पहले भी दो बार विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने की पहल कर चुकी है। पहली बार इजरायल में 225 युवाओं का चयन किया गया था, जिनमें से 180 पहले ही काम पर पहुंच चुके हैं, बाकी की प्रक्रिया जारी है। वहीं दुबई के लिए 100 युवाओं का चयन हुआ है, जिनका स्किल ट्रेनिंग कार्यक्रम चल रहा है।
मुख्यमंत्री के विदेशी सेवाओं से जुड़े सलाहकार डॉ. पवन चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं इस योजना की निगरानी कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य युवाओं को सुरक्षित और वैध रास्तों से विदेश भेजना है, ताकि वे ‘डोंकी रूट’ जैसे अवैध तरीकों से बच सकें। इसी उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने ऐसे एजेंटों के खिलाफ सख्त कानून भी लागू किए हैं, जो युवाओं को गैरकानूनी तरीके से विदेश भेजने का काम करते हैं।
यूरोपीय देशों में आने वाले समय में करीब 5000 नर्सों की आवश्यकता बताई जा रही है, जिसके लिए भी हरियाणा सरकार सक्रियता से योजना बना रही है।