कैथल | गुहला के तहसीलदार मंजीत मलिक, जो पिछले चार महीनों से भ्रष्टाचार के एक मामले में फरार चल रहे थे, को राज्य सरकार ने गुरुवार को निलंबित कर दिया है। एक दिन पहले जारी की गई 36 तहसीलदारों की तबादला सूची में मंजीत मलिक का नाम शामिल था और उन्हें तोशाम में नई नियुक्ति दी गई थी। इस फैसले के खिलाफ सोशल मीडिया पर उठे विरोध के बाद सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए निलंबन के आदेश जारी किए।
निलंबित तहसीलदार को अब अंबाला उपायुक्त कार्यालय में अटैच किया गया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने उनकी गिरफ्तारी के लिए 20 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।
मामला फरवरी 2025 का है, जब कैथल के चीका निवासी विजय कुमार ने एसीबी को शिकायत दी थी कि उसने अमर सिटी कॉलोनी में एक प्लॉट खरीदा था और उसे अपनी भाभी के नाम पर रजिस्ट्री करवानी थी। लेकिन तहसीलदार मंजीत मलिक और रजिस्ट्री क्लर्क प्रदीप कुमार ने इसके एवज में रिश्वत की मांग की।
18 फरवरी को गुहला तहसील कार्यालय में एसीबी ने ट्रैप लगाकर कार्रवाई की, जिसमें क्लर्क प्रदीप कुमार को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में तहसीलदार मंजीत मलिक की संलिप्तता भी सामने आई, लेकिन तब से वह फरार हैं। सरकारी आदेशों के अनुसार, तहसीलदार के निलंबन के बाद अब आगे की जांच प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।