Facebook-f Youtube X-twitter

हेट स्पीच मामले में अब्बास अंसारी को कोर्ट से नहीं मिली राहत, सजा बरकरार, विधायकी खत्म

मऊ |  उत्तर प्रदेश के मऊ से पूर्व विधायक अब्बास अंसारी को हेट स्पीच केस में राहत नहीं मिली है। एमपी/एमएलए स्पेशल कोर्ट ने उनकी सजा के खिलाफ दाखिल तीनों पुनरीक्षण याचिकाएं शुक्रवार को खारिज कर दीं। इससे पहले अदालत उन्हें 2 साल की सजा सुना चुकी है, जो अब भी प्रभावी रहेगी। इस फैसले के चलते उनकी विधायक सदस्यता भी समाप्त मानी गई है।

क्या है पूरा मामला?

मामला साल 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान का है। मऊ नगर कोतवाली क्षेत्र के पहाड़पुरा मैदान में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए अब्बास अंसारी ने विवादित बयान दिया था। उन्होंने मंच से कहा था कि सरकार बनने पर अधिकारियों के तबादलों और पोस्टिंग पर रोक लगाई जाएगी, ताकि पहले उनसे “हिसाब-किताब” लिया जा सके। इस बयान को भड़काऊ और चुनाव संहिता के उल्लंघन के रूप में देखा गया।

FIR और कानूनी कार्यवाही

उनके बयान के तुरंत बाद, तत्कालीन एसआई गंगाराम बिंद की शिकायत पर मऊ नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई। एफआईआर में अब्बास अंसारी सहित अन्य के खिलाफ चुनाव आचार संहिता और कानून-व्यवस्था भंग करने के आरोप लगाए गए। इसके बाद कोर्ट में मामले की सुनवाई चली और सजा सुनाई गई।

सजा के खिलाफ याचिकाएं खारिज

अब्बास अंसारी ने एमपी/एमएलए स्पेशल कोर्ट में अपनी 2 साल की सजा के खिलाफ तीन अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की थीं, लेकिन कोर्ट ने उन्हें खारिज कर दिया। इसका मतलब है कि अदालती सजा अब भी बरकरार रहेगी।

विधायकी पर असर

भारतीय जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act) के तहत, यदि किसी जनप्रतिनिधि को 2 वर्ष या उससे अधिक की सजा मिलती है, तो उसकी विधायकी स्वतः समाप्त हो जाती है। इस आधार पर अब अब्बास अंसारी विधायक नहीं रह गए हैं।

क्या है अगला कानूनी रास्ता?

अब्बास अंसारी ने अब इस फैसले को जिला जज की अदालत में चुनौती दी है, जहां सुनवाई जारी है। यदि वहां से भी राहत नहीं मिलती है, तो वह इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं।

राजनीतिक महत्व क्यों रखता है यह मामला?

अब्बास अंसारी, माफिया से नेता बने मुख्तार अंसारी के बेटे हैं और लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा में रहते हैं। इस फैसले को सियासी गलियारों में राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि अब उनका राजनीतिक भविष्य अदालती फैसलों पर टिका है।

Karuna

infosummerexpress@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

धर्मशाला–मैक्लोडगंज मार्ग पर भूस्खलन से क्षतिग्रस्त सड़क के पुनर्निर्माण में देरी

धर्मशाला,राहुल-:धर्मशाला से मैक्लोडगंज को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर कोतवाली बाजार के रास्ते डीसी आवास के समीप हुए भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त सड़क के पुनर्निर्माण का कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। लोक निर्माण विभाग इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए एनआईटी हमीरपुर के विशेषज्ञों की सलाह का इंतजार कर रहा है।...

कमला नेहरू अस्पताल से गायनी वार्ड शिफ्ट करने के फैसले पर बवाल, भाजपा का धरना

शिमला,संजू-:शिमला में मातृ एवं शिशु अस्पताल कमला नेहरू (KNH) से गायनी वार्ड को IGMC शिफ्ट करने के फैसले का विरोध तेज होता जा रहा है। जनवादी महिला समिति के बाद अब भाजपा भी खुलकर सरकार के खिलाफ उतर आई है। भाजपा जिला शिमला ने अस्पताल के बाहर धरना-प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार से इस निर्णय को...

कोटखाई में ओलावृष्टि से नुकसान का सर्वे तेज, ट्रैफिक और नशा मुक्ति पर प्रशासन सख्त

शिमला,संजू-:कोटखाई के एसडीएम अभिषेक भरवाल ने हाल ही में हुई ओलावृष्टि और बर्फबारी से हुए नुकसान को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे तेज कर दिया है ताकि जल्द मुआवजा दिया जा सके। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाने की भी तैयारी की...

पंचायत चुनावों में पार्टी आधार नहीं होगा मान्य, भाजपा पर महिला आरक्षण को लेकर सियासत का आरोप-मुख्यमंत्री

शिमला,संजू-:  हिमाचल प्रदेश की राजनीति में अहम संकेत देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि आगामी पंचायत चुनाव पार्टी के आधार पर नहीं लड़े जाएंगे। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित कार्यसमिति की पहली बैठक में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पंचायत स्तर पर...

नूरपुर में गैस सिलेंडर की किल्लत से जनता परेशान,वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल

नूरपुर ,संजीव-:नूरपुर क्षेत्र में गैस सिलेंडरों की कमी को लेकर आम जनता में गहरी नाराज़गी देखने को मिल रही है। स्थानीय निवासियों ने गैस वितरण प्रणाली को अव्यवस्थित बताते हुए प्रशासन से तत्काल सुधार की मांग की है। लोगों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा...

हम लाते हैं तेज़, साफ़ और भरोसेमंद ख़बरें — शोर के बीच भी सच्चाई तक पहुंचाने वाली।
चाहे ब्रेकिंग न्यूज़ हो या आपके लिए अहम कहानियाँ, हर दिन हम देते हैं समझदारी और रोचक अंदाज़ में कवरेज।

Must Read

©2025- All Right Reserved.