चंडीगढ़ | हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी के बीच भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर फाइलों में उलझ गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चयनित 126 डॉक्टर्स अब भी सिर्फ इंतजार कर रहे हैं – न नियुक्ति पत्र मिला, न जॉइनिंग की तारीख तय हुई। अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री नायब सैनी की मंजूरी पर टिकी हैं, क्योंकि भर्ती से जुड़ी फाइल सीएम ऑफिस पहुंच चुकी है।
777 पदों की भर्ती में अब तक अधूरा काम
प्रदेश में डॉक्टरों के कुल 777 खाली पद भरे जाने थे। पहले चरण में 502 डॉक्टर्स को नियुक्ति पत्र सौंपे जा चुके हैं, लेकिन शेष 275 पदों के लिए प्रक्रिया अधूरी है। इन पदों में से भी 126 डॉक्टर्स डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन पूरा कर चुके हैं, फिर भी नियुक्ति पत्र नहीं मिला।
जॉइनिंग अटकी, दस्तावेज़ी प्रक्रिया जारी
दिलचस्प बात यह है कि जहां एक ओर 126 डॉक्टर्स की नियुक्ति फंसी हुई है, वहीं दूसरी ओर 58 अन्य उम्मीदवारों को भी दस्तावेजों की जांच के लिए पंचकूला बुलाया गया है। ये सभी वेटिंग लिस्ट में शामिल हैं, लेकिन नियुक्तियों की रफ्तार कछुआ बनी हुई है।
पीजीआई रोहतक ने ली थी परीक्षा, अब सरकारी सिस्टम बना रुकावट?
इस भर्ती प्रक्रिया के लिए परीक्षा रोहतक PGI ने करवाई थी और मेरिट सूची स्वास्थ्य विभाग को भेजी जा चुकी है। अब चयनित डॉक्टरों की नियुक्ति सिर्फ एक हस्ताक्षर की दूरी पर है — जो अब तक नहीं हो पाया।