वॉशिंगटन | अमेरिका और रूस के बीच तनाव अब भारत तक आ पहुंचा है! अमेरिकी संसद में पेश हुए नए बिल ने भारत-रूस की ऊर्जा साझेदारी पर बड़ा खतरा मंडरा दिया है। इस कानून के जरिए अमेरिका अब रूस से तेल, गैस या यूरेनियम खरीदने वाले देशों पर कड़ा आर्थिक दंड लगाने की तैयारी में है – और भारत सीधे निशाने पर है।
500% टैक्स! रूस से तेल लिया तो अमेरिका में भारी कीमत चुकानी होगी
“Sanctioning Russia Act of 2025” नाम के इस बिल में प्रस्ताव है कि जो भी देश रूस से ऊर्जा उत्पाद खरीदेंगे, उनके अमेरिका को किए जाने वाले निर्यात पर 500% तक टैरिफ लगाया जाएगा। इसका सीधा असर भारत के हजारों उत्पादों और कंपनियों पर पड़ सकता है।
भारत को सबसे बड़ा झटका?
भारत ने साल 2024 में अपने कुल कच्चे तेल का करीब 35% रूस से आयात किया, जिससे घरेलू महंगाई पर लगाम लगी। लेकिन अगर यह कानून लागू हो गया, तो भारत को अमेरिका के साथ अपने व्यापारिक हितों को लेकर ‘तेल बनाम व्यापार’ के दोराहे पर खड़ा होना पड़ सकता है।
अमेरिकी संसद में ज़बरदस्त समर्थन
इस बिल को रिपब्लिकन और डेमोक्रेट – दोनों दलों के 80 से अधिक सांसदों का समर्थन मिल चुका है। इससे साफ है कि अमेरिका अब रूस के खिलाफ केवल सीधे प्रतिबंध नहीं, बल्कि उससे व्यापार करने वालों को भी सजा देने की रणनीति पर काम कर रहा है।
ट्रंप रोक सकते हैं लेकिन…
अगर डोनाल्ड ट्रंप 2025 में राष्ट्रपति बने, तो उनके पास इस टैरिफ को 180 दिनों तक टालने का अधिकार होगा। लेकिन इसके लिए उन्हें अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी लेनी होगी – जो इतनी आसानी से मिलना मुश्किल माना जा रहा है।
भारत-अमेरिका रिश्तों पर खतरे की घंटी
अगर यह बिल कानून बन गया, तो भारत के लिए अमेरिका को निर्यात करना मुश्किल हो जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में दरार ला सकता है और भारतीय अर्थव्यवस्था पर गहरा अस