अमेरिका | अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विवादित नीतियों के खिलाफ देशभर में विरोध की लहर उठ गई है। बीते दो दिनों में अमेरिका के 50 राज्यों के 1600 से ज्यादा स्थानों पर हजारों लोग ‘गुड ट्रबल लाइव्स ऑन’ नामक राष्ट्रीय आंदोलन के तहत सड़कों पर उतर आए। विरोध प्रदर्शनों में ट्रंप की इमिग्रेशन, स्वास्थ्य सेवाओं और लोकतंत्र विरोधी फैसलों को लेकर जबरदस्त नाराजगी देखी गई।
न्यूयॉर्क, अटलांटा, सेंट लुइस, ओकलैंड और एनापोलिस जैसे प्रमुख शहरों में प्रदर्शनकारियों ने बैनर, तख्तियां और नारेबाजी के जरिए ट्रंप प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने फेडरल इमारतों के बाहर धरना दिया और सड़कों को अवरुद्ध किया।
जॉन लुईस को समर्पित आंदोलन
यह विरोध प्रदर्शन केवल ट्रंप की नीतियों तक सीमित नहीं था, बल्कि यह दिवंगत नागरिक अधिकार नेता जॉन लुईस को श्रद्धांजलि भी था। आंदोलन का नाम ‘गुड ट्रबल’ लुईस की उस अपील से प्रेरित है जिसमें उन्होंने कहा था, “अच्छी परेशानी में पड़ो, ज़रूरी परेशानी में पड़ो और अमेरिका की आत्मा को बचाओ।”
‘लोकतंत्र खतरे में’ – प्रदर्शनकारियों का संदेश
प्रदर्शन से पहले ‘पब्लिक सिटीजन’ संगठन की सह-अध्यक्ष लीसा गिल्बर्ट ने कहा, “हम अपने लोकतंत्र के सबसे खतरनाक दौर से गुजर रहे हैं। ट्रंप प्रशासन के फैसले न केवल नागरिक अधिकारों को चोट पहुंचा रहे हैं, बल्कि पूरे लोकतांत्रिक ढांचे को हिला रहे हैं।”
यह आंदोलन न सिर्फ ट्रंप की आलोचना है, बल्कि एक चेतावनी भी है कि अमेरिका का आम नागरिक अब चुप बैठने को तैयार नहीं। लगातार हो रहे विरोध यह संकेत दे रहे हैं कि जनता अब जवाब मांग रही है – नीतियों का भी और नेतृत्व का भी।