मुंबई | डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह राजनीति नहीं, बल्कि दुनिया की तेल अर्थव्यवस्था को लेकर उनकी धमकी है। ट्रंप ने दो टूक कहा है—अगर रूस ने 50 दिनों में यूक्रेन युद्ध खत्म नहीं किया, तो वह रूस से व्यापार करने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगा देंगे। इसका सबसे बड़ा असर भारत जैसे देशों पर पड़ सकता है, जो बड़ी मात्रा में रूस से सस्ता तेल खरीदते हैं।
भारत अपनी तेल जरूरतों का 35-40% हिस्सा रूस से पूरा करता है। ऐसे में ट्रंप की चेतावनी से भारत को वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता ढूंढने पड़ सकते हैं, जिससे तेल महंगा होगा और सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा।
तेल हो सकता है और महंगा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रूस की वैश्विक आपूर्ति में गिरावट आती है, तो कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़ सकते हैं। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी पहले ही कह चुके हैं कि रूस की 10% वैश्विक हिस्सेदारी हटने से बाकी देशों पर भारी असर पड़ेगा।
अगर यह टैरिफ वॉर शुरू होता है, तो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 8 से 10 रुपये प्रति लीटर की उछाल आ सकती है। ऐसे में ट्रंप का यह बयान वैश्विक बाजार को हिला सकता है और उपभोक्ताओं को गहरे संकट में डाल सकता है।