जालंधर | मकसूदां मंडी में ठेकेदारों और आढ़तियों के बीच चल रहा विवाद अब उग्र होता जा रहा है। अवैध वसूली और ठेकेदारों की कथित धक्केशाही के विरोध में मंडी के छोटे-बड़े सभी कारोबारियों ने एकजुट होकर 24 जुलाई से मंडी पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया है।
मंडी प्रधान मोहिंदरजीत सिंह शंटी बत्तरा और चेयरमैन मोनू पूरी ने कहा कि यह बंद अस्थायी रूप से सरकार और प्रशासन को चेतावनी देने के लिए किया जा रहा है। अगर जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाया जा सकता है।
व्यापारियों का कहना है कि ठेकेदारों द्वारा लगातार की जा रही मनमानी और अवैध वसूली ने कारोबार को संकट में डाल दिया है। यदि सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया, तो मंडी की बंदी का असर आम जनता की दैनिक आवश्यकताओं पर पड़ेगा और इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन और सरकार की होगी।
प्रदर्शन के समर्थन में मंडी के सैकड़ों व्यापारी और पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यह केवल शुरुआत है — यदि उनकी आवाज़ को अनसुना किया गया तो विरोध और तेज़ होगा।