चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार 1 अगस्त से प्रदेश में नए कलेक्टर रेट लागू करने की तैयारी में है। राजस्व विभाग ने इस संबंध में सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। नई दरें लागू होते ही जमीन की रजिस्ट्री 2025-26 के लिए इन्हीं रेट्स के अनुसार की जाएगी।
5 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव
सूत्रों के मुताबिक, इस बार विभिन्न इलाकों में कलेक्टर रेट में 5 से 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इससे पहले 2024 में रेट्स में 12 से 32 फीसदी तक इजाफा किया गया था।
एनसीआर में रेट और ज्यादा हो सकते हैं
दिल्ली से सटे एनसीआर के जिलों — गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, रोहतक, पलवल, बहादुरगढ़, करनाल और पानीपत — में जमीन की कीमतें पहले से ही काफी ऊंची हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों में इस बार भी 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभावित मानी जा रही है। पिछले साल गुरुग्राम, सोहना, पटौदी और बल्लभगढ़ में कलेक्टर रेट में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, और इस बार भी वही ट्रेंड दोहराया जा सकता है।
किन्हें होगा सीधा असर?
नए रेट लागू होने से जमीन खरीदने वालों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। इसके साथ ही सरकारी दस्तावेज़ीकरण, स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज भी महंगे हो सकते हैं।