Mandi, Dharamveer
लगातार भारी बारिश और 28 जुलाई की रात को जीरो प्वाइंट नाले में आई भीषण बाढ़ ने मंडी जिले में किसानों की कमर तोड़ दी है। सबसे ज्यादा नुकसान मंडी शहर के सैण मोहल्ला और आसपास के क्षेत्रों में हुआ है। यहाँ खेतों में 3 से 4 फीट तक मलबा भर जाने से भिंडी, करेला, घीया तोरी, फ्रासबीन और अदरक जैसी नकदी फसलें पूरी तरह से तबाह हो गई हैं।
बाढ़ का पानी सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि घरों में भी मलबा भर गया और कई वाहन भी इसकी चपेट में आ गए। किसानों ने बताया कि खेतों के साथ-साथ सिंचाई नालियाँ और डंगे भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे आगे की बुआई करना भी मुश्किल हो गया है।
किसान परमानंद सैनी और रिहान सैनी ने कहा कि बाढ़ का पानी खेतों और घरों में घुसने से उन्हें लाखों का नुकसान उठाना पड़ा है।
जिले में 20 करोड़ का नुकसान
कृषि विभाग उपनिदेशक मंडी, रामचंद्र चौधरी ने बताया कि अब तक जिले में करीब 20 करोड़ रुपए का नुकसान दर्ज किया गया है। इसमें 11 करोड़ रुपए फसलों का और 9 करोड़ रुपए पॉलीहाउस व सिंचाई योजनाओं का आकलन किया गया है। विभागीय टीमें प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आंकलन कर रही हैं और प्रभावित किसानों की सूची भी तैयार की जा रही है।