लुधियाना | नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत मुफ्त राशन ले रहे 2.62 लाख से अधिक लाभार्थियों को केंद्र सरकार ने सूची से बाहर कर दिया है। कारण—उन्होंने बार-बार मौका दिए जाने के बावजूद अपनी ई-केवाईसी पूरी नहीं करवाई। ये सभी लाभार्थी लुधियाना जिले से हैं।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने बताया कि इन परिवारों को नजदीकी राशन डिपो पर मुफ्त ई-केवाईसी करवाने के लिए समय दिया गया था और जागरूकता भी चलाई गई, लेकिन इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में लोग सामने नहीं आए। अब इस मामले में विभागीय कर्मचारियों और डिपो होल्डरों की नीयत पर भी सवाल उठने लगे हैं।
कालाबाजारी का शक, जांच की मांग
कई सामाजिक संगठनों ने आशंका जताई है कि राशन की कालाबाजारी हो रही है। अगर केंद्र सरकार इस मामले की किसी निजी एजेंसी से जांच करवाती है तो विभागीय कर्मचारियों और डिपो मालिकों द्वारा सरकारी अनाज बेचकर करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति इकट्ठा करने का खुलासा हो सकता है।
विभाग ने की अपील
खाद्य विभाग की कंट्रोलर शिफाली चोपड़ा और सरताज सिंह चीमा ने लोगों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द ई-केवाईसी करवाएं ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति इस योजना से वंचित न रहे। फिलहाल जिनके नाम सिस्टम में लॉक हो चुके हैं, उन्हें राशन नहीं मिलेगा। ई-केवाईसी पूरी होने पर ही नाम पुनः जुड़ेंगे।