नई दिल्ली | कर्नाटक के धर्मस्थल के पास जंगलों में सालों पुराने दफन रहस्यों की जांच कर रही एसआईटी को पहली बड़ी सफलता मिली है। जांच के तीसरे दिन नेत्रावती नदी के पास जंगल में खुदाई के दौरान करीब चार फीट नीचे एक मानव कंकाल बरामद किया गया है। यह उस स्थान में से एक है, जहां एक पूर्व सफाईकर्मी ने दावा किया था कि उसे 1995 से 2014 के बीच लगभग 100 शवों को गुप्त रूप से दफनाने के लिए मजबूर किया गया था।
SIT की टीम ने यह कंकाल 13 संभावित स्थलों में से छठी जगह पर खुदाई करते हुए खोजा। बरामद हड्डियों में से कई टूटी हुई हैं और फिलहाल सिर की खोपड़ी नहीं मिली है। फॉरेंसिक डॉक्टरों के मुताबिक ये अवशेष संभवतः किसी पुरुष के हो सकते हैं, हालांकि अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी।
खुदाई के दौरान मौके पर मौजूद पुत्तूर सबडिविजन की सहायक आयुक्त स्टेला वर्गीज ने बताया कि इससे पहले के दो दिन की खुदाई में कुछ नहीं मिला था, लेकिन अब पहली बार मानव अवशेष हाथ लगे हैं। इससे पहले, जमीन से एक पैन कार्ड और डेबिट कार्ड भी बरामद हो चुके हैं।
गौरतलब है कि यह मामला एक पूर्व सफाईकर्मी की शिकायत के बाद सामने आया, जिसने दावा किया था कि उसे वर्षों तक जबरन शव दफनाने को कहा गया। SIT अब बाकी ठिकानों पर भी जांच तेज कर चुकी है, जिससे इस पूरे रहस्य से जल्द पर्दा उठने की उम्मीद है।