चरखी दादरी | चरखी दादरी से एक बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर चलाने के मामले में रिश्वत मांगने के आरोपी ड्रग कंट्रोल अधिकारी तरुण भारद्वाज को स्वास्थ्य विभाग ने टर्मिनेट कर दिया है। विभाग के एसीएस सुधीर राजपाल ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
क्या है मामला?
मामला मई महीने का है, जब गांव रानीला में एक मेडिकल स्टोर बिना लाइसेंस के चल रहा था। ड्रग्स इंस्पेक्टर तरुण भारद्वाज ने स्टोर को बंद कर चाबी कब्जे में ले ली। इसके बाद उसका दलाल साहिल स्टोर संचालक के पास पहुंचा और “सेटिंग” के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की। पीड़ित संचालक ने पहले 70 हजार रुपये दिए, लेकिन जब बाकी रकम की मांग हुई तो उसने ACB से शिकायत कर दी।
जांच के बाद ACB ने जाल बिछाकर रिश्वत लेते हुए दलाल अभिमन्यु और फिर ड्रग्स अफसर तरुण भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया। कुछ दिन बाद मुख्य दलाल साहिल को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
जानकारी के मुताबिक, तरुण भारद्वाज की नियुक्ति करीब डेढ़ साल पहले ही हुई थी। भ्रष्टाचार के इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया। यह कार्रवाई प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।