हमीरपुर,अरविंद-:हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में अवैध खनन मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। इस प्रकरण में स्थानीय विधायक आशीष शर्मा के परिजनों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इसी क्रम में सुजानपुर के पूर्व विधायक और भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने हमीरपुर थाना पहुंचकर विधायक के चाचा और भाई से मुलाकात की।
थाना परिसर में राणा के साथ बड़ी संख्या में समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, हालांकि पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें बाहर ही रोक दिया। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में राणा ने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला।राणा ने आरोप लगाया कि राज्य में बदले और द्वेष की राजनीति चरम पर पहुंच चुकी है। उनके अनुसार, सत्ता का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस तंत्र पर सरकार का दबाव साफ दिखाई दे रहा है और अधिकारी निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर पा रहे हैं।उन्होंने यह भी कहा कि विधायक आशीष शर्मा के परिवार के खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह से राजनीतिक प्रेरित है। राणा के मुताबिक, यह कदम उन लोगों को डराने के लिए उठाया गया है जो सरकार के खिलाफ आवाज उठाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करते हुए प्रदेश में तानाशाही जैसा माहौल बनाया जा रहा है।
पूर्व विधायक ने आगे कहा कि विधानसभा में उठाए गए सवालों से सरकार असहज हो गई है, जिसके चलते इस प्रकार की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया।
राणा ने चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मुद्दा भी उठाया। उनका दावा है कि चुनाव के दौरान सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल कर कुछ महिला मंडलों को आर्थिक सहायता दी गई, जो नियमों के खिलाफ है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।उन्होंने अंत में कहा कि प्रदेश की जनता इस तरह की राजनीति से परेशान हो चुकी है और बदलाव चाहती है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की कार्रवाई जारी रही तो भाजपा सड़कों पर उतरकर विरोध करेगी।