भोपाल | मध्यप्रदेश में बीते कुछ दिनों से बारिश थमी हुई है। इससे एक ओर जहां लोगों को थोड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर बढ़ती उमस और तापमान ने फिर से परेशान करना शुरू कर दिया है। राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में बीते पांच दिन से ढंग की बारिश नहीं हुई है, जिससे दिन में तेज धूप और रात में चिपचिपी गर्मी का असर लोगों को बेचैन कर रहा है।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 8 से 10 अगस्त तक प्रदेश में भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है। इस दौरान मौसम साफ रहेगा लेकिन वातावरण में बनी नमी और धूप के कारण उमस भरा मौसम बना रहेगा।
पारा चढ़ा, राहत गायब
राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। बारिश नहीं होने के कारण वातावरण में ठंडक नहीं है, जिससे दोपहर के समय खासतौर पर लोग पसीने से तरबतर हो रहे हैं। यह स्थिति स्कूल-कॉलेज और दफ्तर जाने वालों के लिए काफी तकलीफदेह साबित हो रही है।
इस बार पिछड़ गया मानसून
पिछले साल अगस्त की शुरुआत में ही तेज बारिश के चलते डेमों के गेट खोलने पड़े थे, लेकिन इस बार अब तक भोपाल का बड़ा तालाब फुल टैंक लेवल से करीब ढाई फीट नीचे है। इससे साफ है कि इस साल अब तक मानसून की सक्रियता अपेक्षाकृत काफी कमजोर रही है।
रक्षाबंधन के बाद फिर सक्रिय होगा मानसून
हालांकि राहत की खबर ये है कि 11 अगस्त के बाद बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिससे राज्य में एक बार फिर भारी बारिश की उम्मीद है। मौसम विभाग का कहना है कि यह सिस्टम मध्यप्रदेश की ओर बढ़ेगा, जिससे छोटे-बड़े जल स्रोतों के भरने की स्थिति फिर बन सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिन तक उमस और गर्मी का दौर रहेगा, लेकिन रक्षाबंधन के बाद मानसून के दोबारा जोर पकड़ने की पूरी संभावना है।