जम्मू-कश्मीर | जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में चल रहा सुरक्षा बलों का “ऑपरेशन अखल” आतंकवाद के खिलाफ इस साल का सबसे बड़ा एक्शन बनता जा रहा है। शुक्रवार से शुरू हुए इस बड़े अभियान में अब तक तीन आतंकियों को मार गिराया गया है, जबकि इस दौरान सेना के 9 जवान घायल हो चुके हैं। राहत की बात यह है कि सभी घायल जवान खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
घने जंगल में फंसे आतंकी, ड्रोन से निगरानी
यह ऑपरेशन अब चौथे दिन में पहुंच चुका है। सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकियों को कुलगाम के घने जंगलों में घेर रखा है। शनिवार को तीन आतंकियों को ढेर किया गया, जबकि रविवार को भी मुठभेड़ जारी रही। इलाके में अब भी और आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। यही वजह है कि तलाशी अभियान बिना रुके जारी है।
सेना-पुलिस और CRPF की जॉइंट कार्रवाई
इस ऑपरेशन को भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमें अंजाम दे रही हैं। आतंकियों के ठिकानों की पहचान के लिए ड्रोन और अन्य अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब तक की कार्रवाई को देखते हुए “ऑपरेशन अखल” को इस साल का सबसे निर्णायक आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन माना जा रहा है।