चीन | चीन ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के तियानजिन शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संभावित यात्रा का स्वागत किया है। चीन की तरफ से उम्मीद जताई गई है कि यह सम्मेलन “एकजुटता, मैत्री और सार्थक परिणामों” का मंच बनेगा। 31 अगस्त से 1 सितंबर तक तियानजिन में होने वाले इस शिखर सम्मेलन में भारत समेत 20 से अधिक देशों के नेता हिस्सा लेंगे।
दिल्ली के सूत्रों के अनुसार, सात साल बाद मोदी इस शिखर सम्मेलन में शामिल होने चीन जा सकते हैं। मोदी की जापान यात्रा के बाद यह चीन दौरा हो सकता है, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछली बार जून 2018 में इस सम्मेलन में भाग लिया था। इसके बाद भारत-चीन संबंधों में पूर्वी लद्दाख सीमा विवाद की वजह से तनाव बढ़ गया था। हालांकि, 2023 में कई द्विपक्षीय संवाद और समझौते हुए, जिनसे तनाव कम हुआ।
एससीओ के सदस्य देशों में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान समेत कई अन्य देश हैं। यह संगठन आर्थिक और सुरक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच माना जाता है।
इस बार के सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई शीर्ष नेता भी शामिल होंगे। मोदी और चिनफिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता हो सकती है, जो दोनों देशों के रिश्तों को नया दिशा दे सकती है।
एससीओ शिखर सम्मेलन के माध्यम से क्षेत्रीय सहयोग और सामरिक मुद्दों पर भी चर्चा होगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है।