नई दिल्ली | कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने 1 अगस्त 2025 से यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) जारी करने के नियम बदल दिए हैं। अब नया UAN केवल UMANG ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी (FAT) से ही बनेगा। यह नियम सभी नए कर्मचारियों पर लागू है।
इंडियन स्टाफिंग फेडरेशन (ISF) के अनुसार, इस बदलाव का असर तुरंत दिखा। महज दो दिनों में 1,000 से ज्यादा उम्मीदवारों की ज्वाइनिंग रुक गई, जिससे पेरोल, PF अंशदान और अन्य अनुपालन की समयसीमा खतरे में आ गई।
FAT प्रक्रिया में हर कर्मचारी की व्यक्तिगत मौजूदगी जरूरी है, लेकिन कई के पास स्मार्टफोन, भरोसेमंद इंटरनेट या अपडेटेड आधार नहीं है। साथ ही, फेस रिकग्निशन फेल होना, सर्वर डाउन रहना और कमजोर नेटवर्क जैसी दिक्कतें भी अड़चन पैदा कर रही हैं।
EPFO ने आधार लिंकिंग और FAT पूरा करने के लिए 30 जून 2025 की डेडलाइन तय की है। समय पर प्रक्रिया पूरी न होने पर कंपनियों पर पेनल्टी लग सकती है या PF योगदान रोका जा सकता है, जिससे नियोक्ता और कर्मचारी दोनों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
ISF ने समाधान के तौर पर सुझाव दिए हैं—पहली बार नौकरी करने वालों के लिए नियोक्ताओं को अपने पोर्टल से UAN बनाने की अनुमति मिले, डिजिटल ऑनबोर्डिंग के लिए छह महीने की छूट दी जाए, बल्क UAN बनाने की सुविधा दोबारा लागू हो और FAT समस्याओं के लिए मजबूत तकनीकी सपोर्ट मिले।