नई दिल्ली | डिजिटल भुगतान की दुनिया में बड़ी खबर आई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पेटीएम को ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने की औपचारिक मंजूरी दे दी है। यह फैसला पेटीएम की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड के लिए राहत और बाजार में भरोसा लौटाने वाला कदम माना जा रहा है।
इस मंजूरी के बाद पेटीएम की पेमेंट सर्विस यूनिट — Paytm Payment Services Ltd (PPSL) — अब दोबारा नए व्यापारियों को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ सकेगी। नवंबर 2022 में FDI अनुपालन मुद्दों के चलते नए व्यापारियों को ऑनबोर्ड करने पर लगी रोक अब हट गई है।
दरअसल, मार्च 2020 से पेटीएम का पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस अटका हुआ था, क्योंकि कंपनी में विदेशी निवेशकों — खासकर चीन के अलीबाबा और एंट फाइनेंशियल — का नियंत्रण था। हाल ही में अलीबाबा ग्रुप और एंट फाइनेंशियल ने अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी, जिससे पेटीएम अब पूरी तरह भारतीय स्वामित्व वाली कंपनी बन गई है। इसी बदलाव के चलते RBI ने 12 अगस्त 2025 को “इन-प्रिंसिपल अप्रूवल” दे दिया।
इस मंजूरी से पेटीएम को मिलेगा फायदा:
- नए व्यापारी जुड़ेंगे: छोटे व्यवसायों को डिजिटल पेमेंट सुविधा फिर से मिल सकेगी।
- प्रतिस्पर्धा में वापसी: Google Pay और PhonePe जैसे प्रतिद्वंद्वियों से मुकाबला तेज होगा।
- निवेशकों का भरोसा: विदेशी नियंत्रण खत्म होने से पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी।
- नियामकीय स्थिरता: RBI की मंजूरी से साफ है कि सभी जरूरी अनुपालन पूरे हो चुके हैं।