इज़रायल | इज़रायल और हमास के बीच जारी जंग अब बेहद नाज़ुक दौर में पहुँच गई है। इज़रायली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उसने एयरस्ट्राइक में हमास के कुख्यात कमांडर नासर मूसा को मार गिराया है। मूसा हमास की राफा ब्रिगेड का बड़ा चेहरा था, जो हमलों की साज़िश रचने और आतंकियों को ट्रेनिंग देने में अहम भूमिका निभाता था।
लेकिन मूसा की मौत के बावजूद इज़रायली हमले थमे नहीं हैं। ताज़ा बमबारी में खान यूनिस और एक स्कूल को निशाना बनाया गया, जहाँ विस्थापित लोग शरण लिए हुए थे। इस हमले में 37 लोगों की मौत हो गई, जिनमें महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं।
खंडहर में तब्दील हो रहा गाजा
गाजा की गलियाँ अब मलबे और खंडहर में बदल चुकी हैं। IDF का दावा है कि उसने उस इमारत को भी उड़ाया, जहाँ हमास रॉकेट छुपाकर रखता था। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को गाजा पर पूरा नियंत्रण करने की छूट दे दी है। उनका कहना है कि यह जंग जल्द खत्म होगी और बंधकों को हर हाल में छुड़ाया जाएगा।
नेतन्याहू पर बढ़ा अंतर्राष्ट्रीय दबाव
इज़रायल की कार्रवाई को लेकर कई देश भड़क उठे हैं। सऊदी अरब ने नेतन्याहू की नीतियों की आलोचना की, वहीं न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा कि नेतन्याहू इंसानियत को चोट पहुँचा रहे हैं। इस बीच, तेल अवीव की सड़कों पर हजारों लोग अपने परिजनों की रिहाई के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।
मौत का बढ़ता आँकड़ा
संयुक्त रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले दो सालों में गाजा में 61,827 फिलिस्तीनी मारे गए और 1,55,275 लोग घायल हुए हैं। सिर्फ पिछले 24 घंटों में ही 51 मौतें और 369 घायल दर्ज किए गए हैं।