चंडीगढ़ | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष के तीखे सवालों और हंगामे के बावजूद अपनी संयमित और शालीन कार्यशैली से सबका ध्यान खींचा। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार हंगामा किया, खासकर लोहारु के मनीषा प्रकरण को लेकर, लेकिन मुख्यमंत्री ने तथ्यों के साथ सरकार का पक्ष रखते हुए विपक्ष को संतुष्ट करने की कोशिश की।
सत्र की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री सैनी ने विपक्षी विधायकों को शांतिपूर्वक जवाब देते हुए सौहार्दपूर्ण माहौल में सदन चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए और सदन की मर्यादा बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने भी सदस्यों को संसदीय परंपराओं का पालन करने की नसीहत दी।
मुख्यमंत्री सैनी ने स्पष्ट किया कि सरकार ने मनीषा प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंप दी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने विपक्ष को भरोसा दिलाया कि हर मुद्दे पर चर्चा होगी।
गौरतलब है कि नायब सिंह सैनी ने मार्च 2024 में पहली बार और अक्टूबर 2024 में दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। करीब डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में उन्होंने अपनी सरलता, मुस्कान और जनता से सीधे जुड़ाव की शैली से अलग पहचान बनाई है। वे अक्सर गाड़ी रोककर लोगों से संवाद करते हैं, योजनाओं का फीडबैक लेते हैं और सुधार के लिए तुरंत कदम उठाते हैं। यही सादगी और सहजता विधानसभा सत्र के दौरान भी उनके चेहरे पर नजर आई।