Mandi, Dharamveer
मंडी जिले की पराशर पहाड़ियों से बहने वाला बागी नाला एक बार फिर उफान पर है। रविवार शाम आई तेज़ बारिश के बाद नाले ने रौद्र रूप धारण कर लिया, जिससे क्षेत्रवासियों में डर का माहौल बन गया है।
बारिश से बिगड़े हालात
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने मंडी सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया था। सुबह से जारी मूसलाधार बारिश के चलते जिले की सभी नदियां और नाले उफान पर आ गए हैं। इसी कड़ी में बागी नाले का जलस्तर अचानक बढ़ने से स्थानीय लोग सहम गए।
2024 की आपदा की यादें ताज़ा
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस बार का सैलाब उन्हें 2024 की आपदा की याद दिला रहा है, जब बागी नाले में आई बाढ़ ने यहां बना पुल बहा दिया था। हाल ही में बनाए गए झूला पुल को भी पिछले दिनों भारी बारिश ने नुकसान पहुंचाया, जिससे लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है।
बहते पत्थर और लकड़ियाँ
गवाहों के मुताबिक, रविवार शाम को आए तेज़ बहाव में नाले में भारी पत्थरों और सैकड़ों टन लकड़ियों का बहाव देखने को मिला। इस कारण लोग जान बचाकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने को मजबूर हो गए।
प्रशासन की ओर से फिलहाल लोगों को नाले के आसपास न जाने की अपील की गई है। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार से जल्द से जल्द पुख्ता प्रबंधन की मांग उठाई है ताकि ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से जान-माल का नुकसान रोका जा सके।