चंडीगढ़ | हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन भिवानी की 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा की संदिग्ध हालात में हुई मौत का मामला गूंजता रहा। कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाते हुए पुलिस कार्रवाई पर कई सवाल खड़े किए।
विधायक का आरोप है कि मनीषा हत्याकांड के बाद पुलिस ने बिना ठोस सबूत कई युवाओं को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने दावा किया कि अब तक 50 से अधिक युवाओं को हिरासत में लिया गया है, जिनमें कई निर्दोष भी शामिल हैं। फोगाट ने कहा कि अगर इन युवाओं पर कोई गंभीर आरोप सिद्ध नहीं है तो इन्हें जेल में रखना अन्याय होगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि इन युवाओं को तुरंत रिहा किया जाए, ताकि उनके भविष्य पर कोई संकट न आए।
पत्रकारों की गिरफ्तारी पर भी आपत्ति
विनेश फोगाट ने पुलिस पर यह भी आरोप लगाया कि इस मामले की कवरेज कर रहे कुछ पत्रकारों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और यदि पत्रकारों को केवल रिपोर्टिंग के लिए जेल भेजा जा रहा है तो यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है। विधायक ने सरकार से पत्रकारों की रिहाई की मांग की।
सीबीआई करेगी जांच
उल्लेखनीय है कि मनीषा का शव भिवानी के खेतों में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। घटना के बाद प्रदेश सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है। पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने बताया कि सीबीआई जल्द ही जांच की प्रक्रिया शुरू करेगी।
गौरतलब है कि मनीषा का अंतिम संस्कार उसके गांव में घटना के आठ दिन बाद किया गया था। उससे पहले भिवानी, रोहतक और दिल्ली एम्स में तीन बार पोस्टमॉर्टम हुआ, जिसके चलते यह मामला और भी संवेदनशील बन गया।