हरियाणा | पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से हरियाणा में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। यमुना, मारकंडा और घग्घर नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई गांव पानी में डूब चुके हैं और हालात गंभीर बने हुए हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने आदेश जारी कर आठ जिलों में स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया है।
बंद रहने वाले जिलों में झज्जर, पंचकूला, अंबाला, भिवानी के अलावा हिसार के हांसी ब्लॉक के 30 स्कूल, यमुनानगर के छछरौली ब्लॉक, कुरुक्षेत्र के पिहोवा और शाहाबाद ब्लॉक तथा फतेहाबाद के टोहाना, जाखल और भूना ब्लॉक शामिल हैं।
आज सुबह से ही पंचकूला, यमुनानगर, अंबाला, पानीपत, करनाल, सोनीपत और कुरुक्षेत्र में रुक-रुक कर तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, मेवात और पलवल में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा बाकी जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
यमुना से सटे छह जिलों — यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद और पलवल — में बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है। हजारों एकड़ फसल पानी में डूब चुकी है और कई गांवों में घरों तक पानी घुस चुका है।
इसी बीच कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में अमर विहार कॉलोनी में मकान की छत ढहने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई और चार लोग घायल हो गए। वहीं टोहाना के समैन गांव में मंगलवार देर रात छत गिरने से रणधीर सोनी की मौत हो गई।
आंकड़ों पर नजर डालें तो इस मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में सामान्य से 39% ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है। 2 सितंबर तक जहां औसतन 357.3 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, वहीं अभी तक 498.4 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है। सबसे ज्यादा बारिश यमुनानगर (992.2 मिमी) और महेंद्रगढ़ (769.1 मिमी) में हुई है, जबकि सिरसा (227.4 मिमी) और भिवानी (328.7 मिमी) में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है।