Shimla, Sanju
राजधानी शिमला में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते पेयजल संकट गहरा गया है। जल स्रोतों में गाद भरने से शहरवासियों को पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है।
सूत्रों के अनुसार, पेयजल परियोजनाओं में 10,000 एनटीयू से अधिक गाद आ गई है। सामान्य दिनों में शिमला को प्रतिदिन 48 एमएलडी पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन बुधवार को केवल 26 एमएलडी पानी ही उपलब्ध हो पाया। विभाग का कहना है कि बारिश का दौर जारी रहा तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
पानी की राशनिंग जारी
जलापूर्ति बाधित होने से शहर में पानी की राशनिंग की जा रही है। विभाग का कहना है कि लोगों को तीसरे या चौथे दिन ही पानी मिल पाएगा। हालांकि, मौसम विभाग ने 4 सितंबर, गुरुवार से बारिश में कमी आने की संभावना जताई है, जिससे राहत मिल सकती है।
SJPNL का बयान
SJPNL के प्रबंध निदेशक राजेश कश्यप ने बताया कि गिरी और गम्मा पेयजल स्रोतों में गाद की मात्रा सामान्य सीमा से कहीं अधिक हो गई है। बुधवार को 26.5 एमएलडी पानी आया, जबकि इससे पहले 10 एमएलडी और 31 एमएलडी पानी सप्लाई हुआ था। उन्होंने कहा कि जरूरत 48 एमएलडी की है, फिर भी क्षमता अनुसार पानी की आपूर्ति की जा रही है।
कश्यप ने अपील की कि लोग बरसात के पानी का उपयोग बर्तन धोने और अन्य कार्यों में करें, जबकि टैंकर से उपलब्ध पानी का इस्तेमाल पीने के लिए करें।
अधिकारियों की अपील
SJPNL के एजीएम विनोद नेगी ने भी कहा कि विभाग जल स्रोतों की सफाई में जुटा है, लेकिन बारिश का प्रभाव कम होने तक समस्या बनी रह सकती है।