भुवनेश्वर | भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर 15 दिन के भीतर दो अलग-अलग ट्रेनों के शौचालयों से लाशें मिलने की घटनाओं ने यात्रियों और सुरक्षा एजेंसियों को हिला दिया है। दोनों मामलों में हालात इतने रहस्यमयी रहे कि यह सवाल खड़ा हो गया है—क्या यह महज आत्महत्या है या फिर इसके पीछे कोई और साज़िश छिपी है?
ताज़ा मामला बीती रात का है, जब बेंगलुरु से आई प्रशांति एक्सप्रेस की सफाई के दौरान जनरल कोच के शौचालय में एक युवक की लाश बेल्ट से लटकी मिली। मृतक की पहचान मोहम्मद नसीम (ओडिशा, रथीपुर गांव) के रूप में हुई है। पहली नज़र में यह आत्महत्या का मामला लगता है, लेकिन जांच अधिकारी मानते हैं कि हालात सामान्य नहीं थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पुलिस ने अस्वाभाविक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह घटना 16 अगस्त को घटी उस मामले से मिलती-जुलती है, जब भुवनेश्वर-नई दिल्ली दूरंतो एक्सप्रेस के B3 कोच के शौचालय से एक युवक का शव बरामद हुआ था। मृतक उत्तर प्रदेश का निवासी था और उसकी पहचान अब तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
अब रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और GRP दोनों घटनाओं की कड़ियों को जोड़ने में जुटे हैं। CCTV फुटेज, यात्री सूची और डिपो कर्मचारियों के बयान खंगाले जा रहे हैं। जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह महज इत्तेफाक है या रेलवे कोच के अंदर कोई नया आपराधिक पैटर्न सामने आ रहा है।