यमुनानगर | हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से पिछले 80 घंटे से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे दिल्ली और हरियाणा में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। 1 सितंबर की सुबह 4 बजे बैराज के गेट खोले गए थे, जिसके बाद अधिकतम 3.29 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। फिलहाल बैराज से मध्यम स्तर पर पानी छोड़ा जा रहा है, जिसे “मिनी फ्लड” माना जा रहा है।
इस बीच बैराज के उत्तर प्रदेश की ओर बने गाइड बंध के कुछ कंक्रीट ब्लॉक पानी के तेज बहाव में बह गए हैं। हालांकि सिंचाई विभाग ने साफ किया है कि इससे बैराज को किसी तरह का खतरा नहीं है और पानी का स्तर घटते ही मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा।
गांवों में कटाव, सैकड़ों एकड़ जमीन यमुना में समाई
लगातार डिस्चार्ज से यमुनानगर जिले के एक दर्जन से ज्यादा गांवों में भूमि कटाव हो चुका है। कमालपुर टापू, पोबरी, लाकड़, बंजारा बॉस, उन्हेड़ी, बीबीपुर और कालेश्वर जैसे गांवों की सैकड़ों एकड़ भूमि यमुना की धारा में समा चुकी है। विभाग ने स्वीकार किया है कि पोबरी और कमालपुर गांवों में यमुना आबादी के करीब पहुंच गई थी, जहां बचाव कार्य जारी है।
पिछले साल आया था सबसे ज्यादा पानी
सिंचाई विभाग के मुताबिक, 2023 में यमुना में सर्वाधिक 3.59 लाख क्यूसेक पानी आया था। नियमों के अनुसार, 1 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी “लो फ्लड”, 1.5 लाख से ज्यादा “मीडियम फ्लड” और ढाई लाख से ऊपर “हाई फ्लड” माना जाता है। इस बार बैराज से 18 घंटे तक “हाई फ्लड” और 80 घंटे से लगातार “मीडियम फ्लड” स्तर का पानी छोड़ा जा रहा है।
मंत्री के आदेश, अधिकारियों की 24 घंटे ड्यूटी
सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को 24 घंटे ड्यूटी पर रहने के निर्देश दिए हैं। किसी को भी स्टेशन छोड़ने की इजाजत नहीं है। लोगों से अपील की गई है कि वे यमुना के किनारे न जाएं। हाल ही में बेलगढ़ क्षेत्र में दो बच्चों की डूबकर मौत हो चुकी है, इसलिए अभिभावकों से खासतौर पर बच्चों पर नजर रखने को कहा गया है।