ताइवान | ताइवान और चीन के बीच बढ़ता तनाव शुक्रवार को एक नए स्तर पर पहुँच गया। सुबह-सुबह चीन ने ताइवान के पास सैन्य गतिविधियां तेज कर दीं, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और अधिक तनावपूर्ण हो गए। ताइवान की सेना ने तुरंत अलर्ट जारी कर पूरी तरह तैयारियों में जुट गई।
चीन की घुसपैठ: सुबह-सुबह सैन्य दबाव
ताइवान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, शुक्रवार सुबह 6 बजे तक चीन ने ताइवान की सीमा के पास 17 पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के विमान, 9 युद्धपोत और 2 अन्य सैन्य जहाज तैनात किए। सबसे गंभीर बात यह रही कि 9 विमान ताइवान स्ट्रेट की “मिडलाइन” पार कर गए और सीधे ताइवान के उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी वायु रक्षा क्षेत्र (ADIZ) में दाखिल हुए।
ताइवान की जवाबी कार्रवाई
चीन की इस हरकत पर ताइवान ने अपने लड़ाकू विमान, नौसेना पोत और ज़मीनी मिसाइल रक्षा प्रणालियों को तुरंत सक्रिय कर दिया। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और चीन के हर कदम पर प्रतिक्रिया तैयार की जा रही है।
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर जानकारी साझा करते हुए लिखा:
“आज सुबह 6 बजे तक चीन के 17 सैन्य विमान, 9 युद्धपोत और 2 अन्य जहाज ताइवान के आसपास सक्रिय देखे गए। हमारी सेनाएं पूरी सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर रख रही हैं और आवश्यक कार्रवाई कर रही हैं।”
चीन की रणनीति: “ग्रे जोन वॉरफेयर”
विशेषज्ञों के अनुसार, चीन ताइवान पर दबाव बनाने के लिए “ग्रे जोन टैक्टिक्स” का इस्तेमाल कर रहा है। इस रणनीति में वह सीधे युद्ध शुरू किए बिना सैन्य और राजनीतिक दबाव बनाता है, बार-बार सीमाओं के पास सैन्य गतिविधियां दिखाकर ताइवान की तैयारियों को कमजोर करने की कोशिश करता है।
राष्ट्रपति विलियम लाई का कड़ा संदेश
ताइवान के राष्ट्रपति विलियम लाई ने कहा:
“चीन की लगातार सैन्य गतिविधियां हमारे लोकतंत्र और वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। ताइवान स्ट्रेट में यह तनाव पहले से कहीं अधिक खतरनाक हो गया है।” उन्होंने चीन को चेतावनी दी कि आक्रामकता हमेशा विफल होती है और एकता से ही जीत संभव है।
अंतरराष्ट्रीय चिंता
हाल ही में बीजिंग में रूस और उत्तर कोरिया के नेताओं की मौजूदगी में हुई सैन्य परेड को भी इस घटनाक्रम से जोड़ा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तनाव ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा संतुलन को अस्थिर कर दिया है। ताइवान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि क्षेत्रीय शांति बनाए रखने में सहयोग करें, ताकि ताइवान स्ट्रेट किसी बड़े संघर्ष का केंद्र न बने।