पंचकूला | सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरुवार को इनेलो के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व विधायक नफे सिंह राठी हत्याकांड में चार मुख्य आरोपियों पर गंभीर आरोप तय किए। अदालत ने शूटर आशीष उर्फ बाबा, नक सिंह राठी, सचिन उर्फ सौरभ, धर्मेंद्र और अमित गुलिया के खिलाफ हत्या की साजिश, हत्या, हत्या के प्रयास और अवैध हथियार रखने जैसी कई धाराओं में मामला दर्ज किया।
चारों आरोपी फिलहाल जेल में हैं और उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। वहीं कुख्यात गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू, शूटर अतुल गुलिया, नकुल सांगवान और खुशप्रीत लाठर अभी भी फरार हैं। अदालत ने उन्हें पहले ही भगोड़ा घोषित कर दिया है। अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी, जब सीबीआई अपने गवाहों और सबूतों को पेश करेगी।
हत्या की पृष्ठभूमि
25 फरवरी 2024 को बहादुरगढ़ स्थित बराही रेलवे फाटक के पास नफे सिंह राठी और उनके सहयोगी जयकिशन दलाल की कार पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। इस हमले में उनके चालक राकेश और निजी गनमैन संजीत भी घायल हुए थे।
सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, हत्या की साजिश यूके में बैठे गैंगस्टर नंदू ने रची थी। उसने फर्जी आधार कार्ड और GPS ट्रैकर का इस्तेमाल कर नफे सिंह की कार की लोकेशन शूटरों तक भेजी थी।
आरोपों की धाराएं
विशेष अदालत ने सभी आरोपियों पर आईपीसी की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास), 34 और शस्त्र अधिनियम की धारा 25 व 27 के तहत आरोप तय किए। इसके अलावा, धर्मेंद्र और अमित गुलिया पर धारा 109 (अपराध में सहायता) के तहत भी अलग से मामला दर्ज किया गया।