नई दिल्ली | मंगलवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 14 पैसे मजबूत होकर 87.95 रुपये पर पहुँच गया। घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख और निवेशकों के भरोसे ने रुपये को मजबूती दी, हालांकि अमेरिका द्वारा लगाए जाने वाले संभावित शुल्क से जुड़ी चिंताओं ने इसकी तेजी को सीमित रखा।
विनिमय विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और अमेरिका के शुल्क पर आशंकाओं के कारण रुपया दबाव में रह सकता है। वहीं, घरेलू मुद्रा के हालिया रिकॉर्ड निचले स्तर को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) भी आवश्यक होने पर हस्तक्षेप कर सकता है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 87.98 रुपये पर खुला और कारोबार के दौरान 87.95 रुपये पर पहुँच गया, जो पिछले बंद भाव से 14 पैसे मजबूत है। शुक्रवार को रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर 88.38 रुपये तक गिर चुका था।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.05 प्रतिशत गिरकर 97.40 पर कारोबार कर रहा है। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.53 प्रतिशत बढ़कर 66.37 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।