नई दिल्ली | नई जीएसटी दरों के लागू होने के बाद ग्राहकों को सस्ते दाम पर सामान मिलने लगा है, लेकिन कंपनियों को पुराने स्टॉक के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब सरकार ने इस समस्या का समाधान निकालते हुए कंपनियों को पुरानी वस्तुओं पर नया दाम लगाने की मंजूरी दे दी है।
पुराने और नए दाम दोनों दिखाने होंगे
सरकार ने स्पष्ट किया कि नया रेट लगाते समय पुराना दाम भी दिखाई देना अनिवार्य होगा। पुराने दाम को ढककर नया रेट नहीं लिखा जा सकेगा। यह नियम उन पैक्ड वस्तुओं पर लागू होगा जिनकी बिक्री जीएसटी दर बदलने के कारण प्रभावित हुई है।
जनता और अधिकारियों को जानकारी देना अनिवार्य
कंपनियों को नया रेट लगाने के साथ-साथ इसकी जानकारी जनता तक पहुँचानी होगी। इसके लिए कम से कम दो अखबारों में विज्ञापन देना होगा। साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों के विभागों तथा खुदरा दुकानदारों को भी सूचना देना जरूरी है।
समयसीमा बढ़ाई गई
पहले कंपनियों को 22 सितंबर तक नया रेट लगाने की अनुमति थी, लेकिन अब यह अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 दिसंबर 2025 कर दी गई है। इससे त्योहारों के सीजन में ज्यादा स्टॉक रखने वाली कंपनियों को राहत मिलेगी।
सभी को फायदा
इस फैसले से ग्राहकों को सस्ते दाम पर सामान मिलेगा और कंपनियां बिना नुकसान के अपना पुराना स्टॉक बेच पाएंगी। त्योहारी सीजन में बाजार में रौनक बनाए रखने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण साबित होगा।