Facebook-f Youtube Summer Express - Header One X-twitter

OPD कवर ने बदला हेल्थ इंश्योरेंस का मतलब, बढ़ी लोगों की डिमांड

नई दिल्ली | पहले हेल्थ इंश्योरेंस का मतलब यही होता था कि यह तभी काम आएगा जब आप अस्पताल में भर्ती होंगे। लेकिन अब यह धारणा तेजी से बदल रही है। लोग अब इंश्योरेंस का इस्तेमाल केवल हॉस्पिटलाइजेशन के लिए नहीं, बल्कि रोजमर्रा के इलाज, टेस्ट और दवाइयों जैसी जरूरतों के लिए भी करने लगे हैं। इसकी वजह है OPD कवर (Out Patient Department Cover), जो अब हेल्थ इंश्योरेंस का अहम हिस्सा बनता जा रहा है।

तेजी से बढ़ा OPD कवर का चलन

Policybazaar की रिपोर्ट के मुताबिक, तीन साल पहले केवल 5% हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों में OPD कवर शामिल था। आज यह आंकड़ा बढ़कर 22% तक पहुंच गया है। यानी अब लोग ऐसी पॉलिसी चुन रहे हैं जिसमें अस्पताल में भर्ती हुए बिना भी डॉक्टर से कंसल्टेशन, टेस्ट और दवाइयों का खर्च कवर हो सके।

OPD कवर में क्या-क्या शामिल है?

  • डॉक्टर से कंसल्टेशन
  • ब्लड टेस्ट, स्कैन और अन्य डायग्नोस्टिक जांच
  • दवाइयों की खरीद
  • डेंटल ट्रीटमेंट
  • सालाना हेल्थ चेकअप
  • आंखों की जांच व फिजियोथेरेपी (कुछ मामलों में)

इनमें से लगभग 90% खर्च सीधे इंश्योरेंस कंपनी द्वारा कैशलेस या रिइम्बर्समेंट के जरिए निपटाए जाते हैं।

आम लोगों को कैसे हो रहा फायदा?

  • बार-बार इस्तेमाल: साल में 3–4 बार लोग OPD कवर का लाभ उठा रहे हैं।
  • बड़ी बीमारी से बचाव: जिनके पास OPD कवर है, उनमें हॉस्पिटलाइजेशन 5–10% तक कम हुआ है।
  • डिजिटल हेल्थ: आधे से ज्यादा लोग अब वीडियो/फोन कॉल पर डॉक्टर से परामर्श ले रहे हैं।
  • खर्च का बंटवारा:
    • 35–40% खर्च डॉक्टर कंसल्टेशन पर
    • 25–30% टेस्ट पर
    • 20–25% दवाइयों पर

किसे सबसे ज्यादा फायदा?

यह सुविधा खासतौर पर शहरी प्रोफेशनल्स और युवाओं में तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

  • 30–45 वर्ष के 33% लोग इसे चुन रहे हैं।
  • 18–30 वर्ष के युवाओं की हिस्सेदारी 27% है।
  • मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद जैसे मेट्रो शहरों में इसकी मांग सबसे ज्यादा है।

Karuna

infosummerexpress@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

लापरवाही: ट्यूबवेलों की मरम्मत में देरी के बावजूद नगर निगम के अधिकारियों ने नहीं लगाया जुर्माना

सितंबर 2025 से अगस्त 2026 तक पार्षद ने उठाया मामलालक्की मेहता | लुधियानासमर न्यूजनगर निगम के ट्यूबवेलों की मरम्मत और रखरखाव को लेकर निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। वार्ड नंबर 83 की पार्षद मोनिका देविंदर जग्गी पिछले करीब 11 महीने से खराब ट्यूबवेलों और तय समय में मरम्मत न करने वाले...

डेराबस्सी माल विभाग की कार्यप्रणाली फिर से सवालों के घेरे में

10 एकड़ में काटी जा रही अवैध कॉलोनीगुरमीत सिंह | डेराबस्सीसमर न्यूज डेराबस्सी-बेहड़ा रोड पर पर काटी जा रही दो अलग-अलग अवैध कॉलोनियों का मामला सामने आने के बाद गमाडा विभाग हरकत में आ गया है। गमाडा के जेई बलकरण सिंह ने टीम के साथ बुधवार को थापर यूनिवर्सिटी के पास तथा फैक्टरी वाली जगह...

अवैध निर्माण बेरोकटोक जारी, सुरक्षा मानकों की हो रही खुलेआम अनदेखी

{बलौंगी में अवैध पीजी निर्माण का सिलसिला जारी, दशमेश नगर कॉलोनी में हुआ हादसा; नगर निगम और गमाडा की खींचतान में जिम्मेदारी से बच रहे अधिकारीसमर न्यूज | मोहालीबलौंगी की एकता कॉलोनी में निर्माण कार्य को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार को सामने आई तस्वीर में एक इमारत की पांचवीं...

पंजाब में कर्मचारियों की महा-हड़ताल से सरकारी कामकाज प्रभावित, ओपीडी बंद

समर न्यूज | चंडीगढ़ पंजाब में विभिन्न सरकारी कर्मचारी संगठनों की महा-हड़ताल के कारण गुरुवार को सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ। करीब तीन लाख कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर हड़ताल में शामिल हुए, जबकि करीब साढ़े तीन लाख पेंशनरों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। राज्य के सरकारी दफ्तरों, जिला और तहसील कार्यालयों तथा कई अन्य विभागों...

सिविल अस्पताल में महिला की संदिग्ध मौत पर हंगामा, मायके-ससुराल पक्ष भिड़े

Summer express , चरखी दादरी। सिविल अस्पताल में  रात एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मायके और ससुराल पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए। महिला की मौत को लेकर दोनों पक्षों के बीच जमकर विवाद हुआ। देखते ही देखते मामला कहासुनी से हाथापाई तक पहुंच गया। अस्पताल परिसर में काफी देर तक...
Summer Express - header one

हम लाते हैं तेज़, साफ़ और भरोसेमंद ख़बरें — शोर के बीच भी सच्चाई तक पहुंचाने वाली।
चाहे ब्रेकिंग न्यूज़ हो या आपके लिए अहम कहानियाँ, हर दिन हम देते हैं समझदारी और रोचक अंदाज़ में कवरेज।

Must Read

©2025- All Right Reserved.