Mandi, Dharamveer
चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर मंडी से पंडोह के बीच फोरलेन निर्माण कार्य जोरों पर है। कई स्थानों पर फोरलेन का काम पूरा हो चुका है तो कुछ जगहों पर अभी भी काम जारी है। लेकिन इस निर्माण कार्य की आड़ में ग्रामीणों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
9 मील गांव का संपर्क मार्ग मलबे में तब्दील, पैदल चलना भी हुआ मुश्किल
ग्राम पंचायत जागर के अंतर्गत आने वाले 9 मील गांव को जोड़ने वाला लिंक रोड कंपनी की लापरवाही का शिकार हो गया है। वर्षों पहले गांव को हाईवे से जोड़ने के लिए तैयार किया गया यह मार्ग अब मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका है। हालात इतने खराब हैं कि इस पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।स्थानीय निवासी भागीरथ सकलानी, चेत राम और चंद्रेश ठाकुर का कहना है कि फोरलेन से पहले यह लिंक रोड 9 फीट चौड़ा था। लेकिन फोरलेन के मलबे की डंपिंग यहीं शुरू कर दी गई, जिससे अब लिंक रोड का अस्तित्व ही खत्म हो गया है। कंपनी ने इस सड़क के लिए फोरलेन पर कोई क्रॉसिंग भी नहीं छोड़ी है।ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार केएमसी कंपनी के अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन और टालमटोल ही मिला। बरसात में यह लिंक रोड नाले जैसा दिखाई देता है और ग्रामीणों को आवागमन के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस बारे में जब केएमसी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर सत्या से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में नया पुल और सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य जारी है। जैसे ही यह काम पूरा होगा, लिंक रोड को फिर से बनाया जाएगा और अन्य आवश्यक कार्य भी पूरे किए जाएंगे।