चंडीगढ़ | केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर को हरियाणा का दौरा करेंगे। इस दौरान वे कुरुक्षेत्र में नए तीन आपराधिक कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। ये कानून न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता, तेज़ी और नागरिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं।
नए आपराधिक कानूनों की प्रमुख विशेषताएँ:
- जीरो एफआईआर:
किसी भी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई जा सकेगी। 15 दिनों के भीतर इसे संबंधित थाने में ट्रांसफर करना अनिवार्य होगा। - विदेश में अपराधियों पर कार्रवाई:
बिना कोर्ट में पेशी के केस चलाया जा सकेगा और दोषी पाए जाने पर सजा सुनाने का अधिकार होगा। - वीडियो रिकॉर्डिंग और पारदर्शिता:
तलाशी और जब्ती की वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी। बिना रिकॉर्डिंग के आरोप-पत्र मान्य नहीं होगा। - वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग:
पूरी सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी, गवाही के लिए कोर्ट में उपस्थित होना आवश्यक नहीं होगा। - यौन अपराध मामलों में विशेष प्रावधान:
पीड़ित का बयान वीडियोग्राफी के माध्यम से दर्ज किया जाएगा। - संक्षिप्त सुनवाई:
तीन साल तक की सजा वाले मामलों में फास्ट-ट्रैक सुनवाई होगी। सत्र न्यायालयों के 40% से अधिक मामले इसी प्रक्रिया में निपटेंगे। - सामुदायिक सेवा:
छोटे अपराधों में दंड के रूप में सामुदायिक सेवा का प्रावधान होगा। - मॉब लिंचिंग पर कड़ी सजा:
5 या अधिक लोगों द्वारा की गई लिंचिंग पर मृत्युदंड या आजीवन कारावास का प्रावधान। - जमानत प्रावधान:
पहली बार अपराध करने वाले को सजा का 1/3 भाग काटने के बाद जमानत मिलने का विकल्प। - फोरेंसिक जाँच अनिवार्य:
7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले मामलों में फोरेंसिक विशेषज्ञ की मदद अनिवार्य होगी। - डिजिटल सुधार:
व्हाट्सएप के माध्यम से समन भेजने की सुविधा, सरकारी खर्च में कमी और प्रक्रिया में तेजी।
नए कानूनों के नाम और उद्देश्य:
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023: भारतीय दंड संहिता का स्थान लेगी।
- भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता: नागरिकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा करेगी।
- भारतीय साक्ष्य अधिनियम: इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को वैध मान्यता देगा।