Shimla,16 September -हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला और आसपास के क्षेत्रों में हुई भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सोमवार रात शहर में 141 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे जगह-जगह भूस्खलन और नुकसान की घटनाएं सामने आईं।
पंथाघाटी इलाके में एक पांच मंजिला इमारत के आगे की सेफ्टी वॉल ढह गई, जिससे भवन को खतरा पैदा हो गया। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मकान को खाली करवा दिया। वहीं बीसीएस क्षेत्र में लैंडस्लाइड और पेड़ गिरने से 4 गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं, जबकि पांजड़ी में नाले का मलबा पार्किंग में घुसने से 8 से ज्यादा वाहनों को नुकसान पहुंचा। रुलदू भट्टा और सर्कुलर रोड सहित कई इलाकों में भी भारी तबाही की खबर है। खासकर सर्कुलर रोड पर हिमलैंड के पास हुए भूस्खलन से 5 गाड़ियां दब गईं और यह सड़क पूरी तरह बंद हो गई।
इस आपदा पर शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता फील्ड में सक्रिय हैं और प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद दी जाएगी। कश्यप ने यह भी आश्वासन दिया कि सांसद निधि से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से कंबल, तंबू और अन्य राहत सामग्री भेजी जा रही है।सांसद ने प्रदेश सरकार से भी अपील की कि राहत और बचाव कार्यों को तुरंत तेज किया जाए। साथ ही उन्होंने मंडी और शिमला जैसे जिलों में हो रहे नुकसान पर चिंता जताई।