समराला | होशियारपुर में 5 वर्षीय बच्चे की हत्या के मामले ने पूरे पंजाब को झकझोर दिया है। आरोपी एक प्रवासी मजदूर बताया जा रहा है। इस घटना के बाद राज्यभर में गुस्सा फैल गया है और कई सिख संगठनों ने समराला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कड़ा विरोध जताया।
संगठनों ने मांग की है कि प्रशासन प्रवासी मजदूरों की बढ़ती संख्या और उनके सामाजिक प्रभाव पर तुरंत ध्यान दे। कई संगठनों ने यहां तक कहा है कि प्रवासी मजदूरों का सत्यापन एक सप्ताह के भीतर करवाया जाए, ताकि आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें बाहर किया जा सके।
दमदमी टकसाल के स्थानीय नेता भाई सुखविंदर सिंह भगवानपुरा ने पंजाबियों से अपील की कि वे अपने स्थानीय कारोबारियों का समर्थन करें और प्रवासी मजदूरों पर निर्भरता कम करें। उनका कहना है कि इससे स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सिख संगठन के नेता हरप्रीत सिंह खालसा ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की वारदातें समाज में असुरक्षा का माहौल पैदा कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए कुछ नेताओं द्वारा प्रवासी मजदूरों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
ज्ञापन सौंपते हुए संगठनों ने यह भी मांग रखी कि प्रवासी मजदूरों को पंजाब में वोट और आधार कार्ड जारी करने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए, क्योंकि वे यहां केवल काम करने आते हैं।
इस मौके पर परमिंदर सिंह, सतनाम सिंह भरताला, सन्नी समराला, दर्शन सिंह बहलोलपुर, आसमां खान समराला, जस्स सरवरपुर, शरणजीत सिंह, अमनप्रीत सिंह भरताला और कुलदीप सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।