Shimla, 18 September – मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य में बीते 48 घंटों के दौरान हुई मूसलधार बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए आज शिमला में उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने आपदा में जनहानि पर गहरी चिंता जताते हुए प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
बारिश से पिछले दो दिनों में पांच लोगों की मौत हुई है—जिनमें तीन मंडी जिले के निहारी क्षेत्र से और दो पंडोह मोहाल-सुमा क्षेत्र से थे। वहीं, दो लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सितम्बर माह में अब तक सामान्य से 136 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पूरे मॉनसून सीजन में औसत से 45 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। इस सीजन में अब तक 417 लोगों की मौत, 45 लोग लापता और लगभग 4,582 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान दर्ज हुआ है। कुल 15,022 संरचनाओं को क्षति पहुंची है, जिनमें 1,502 मकान पूरी तरह और 6,467 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा, 6,316 गौशालाएं और 594 दुकानें भी प्रभावित हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने को कहा। साथ ही, लोक निर्माण विभाग को विशेषकर सेब उत्पादक क्षेत्रों में सड़क संपर्क जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश दिए। प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जाएगा।उन्होंने एचपीएमसी को सेब ढुलाई के लिए अपने संग्रहण केंद्रों से अतिरिक्त वाहन लगाने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष राहत पैकेज के तहत बेघर परिवारों को शहरी क्षेत्रों में 10,000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 5,000 रुपये मासिक किराया दिया जाएगा। इसके साथ ही सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए किराया देने की शर्तों में ढील पर विचार भी किया जा रहा है।