बेंगलुरु | कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को दावा किया कि उनकी पार्टी के समर्थक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वे “लोकतंत्र की हत्या करने वालों” और “वोट चोरों” की सुरक्षा कर रहे हैं। राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग से कहा कि उन्हें एक सप्ताह के भीतर कर्नाटक की सीआईडी के साथ पूरी जानकारी साझा करनी चाहिए।
राहुल गांधी ने दावा किया कि कर्नाटक के कलबुर्गी जिले के आलंद विधानसभा क्षेत्र में 6018 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए आवेदन दिए गए। उनके अनुसार, जिनके नाम हटाने के प्रयास हुए, उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर कर्नाटक के बाहर से थे।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “मैं अपने लोकतंत्र, देश और संविधान से प्रेम करता हूं और किसी भी तरह की बयानबाजी तथ्यहीन नहीं करूंगा।” उन्होंने मंच पर उन लोगों को भी पेश किया जिनके नाम हटाने या गलत तरीके से इस्तेमाल किए गए थे।
राहुल गांधी ने बताया कि सीआईडी कर्नाटक में इस मामले की जांच कर रही है। सीआईडी ने 18 पत्र भेजकर जानकारी मांगी थी, लेकिन पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के राजौरा विधानसभा क्षेत्र में 6850 नाम जोड़ने का भी हवाला दिया।
पूर्व अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि आयोग एक सप्ताह में पूरा विवरण नहीं देता है, तो स्पष्ट हो जाएगा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त “वोट चोरों” की मदद कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि बीते 1 सितंबर को पटना में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान उन्होंने इसी तरह के खुलासे किए थे। उन्होंने इसे “एटम बम” बताया और अब कहा कि “हाइड्रोजन बम” आने वाला है, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों के सामने जवाबदेह होंगे।