कैथल | सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने बृहस्पतिवार को गुहला क्षेत्र के कई गांवों—भागल, मंझेड़ी, मैंगड़ा, मोहनपुर, रत्ताखेड़ा घड़ाम, सिहाली, पपराला, बौपुर, सरोला और रत्ताखेड़ा लुकमान का दौरा कर बाढ़ प्रभावित परिवारों की परेशानियों को सुना। इस दौरान ग्रामीणों ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर गांव भागल से मोहनपुर रोड पर रैंप निर्माण, पुल चौड़ीकरण और मारकंडा व खोली नहर की सफाई की मांग रखी।
ग्रामीणों ने बताया कि अभी तक न तो गिरदावरी की गई है और न ही मुआवजे का कोई ऐलान हुआ है। उनका कहना है कि हर बार बाढ़ का पानी खेतों को बर्बाद कर देता है, लेकिन सरकार राहत देने में नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माणाधीन पुल की 100 फुट दीवार ने पानी की निकासी रोक दी, जिससे कई दिनों तक पानी जमा रहा। ग्रामीणों की मांग है कि दीवार की जगह 4–5 पुलिया बनाई जाएं ताकि पानी आसानी से निकल सके और नहरों की खुदाई करवाई जाए।
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने इस मौके पर कहा कि हरियाणा इस समय प्राकृतिक नहीं, बल्कि प्रशासनिक आपदा से जूझ रहा है। मुख्यमंत्री ने फ्लड कंट्रोल बोर्ड की बैठक तक नहीं बुलाई और न ही नदियों-नालों की सफाई की। उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है, जबकि बड़ी संख्या में किसानों की शिकायत है कि पोर्टल सही तरह से काम ही नहीं कर रहा।
हुड्डा ने मांग की कि बाढ़ प्रभावित किसानों को कम से कम 70 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए और राहत कार्यों व मुआवजा वितरण की निगरानी के लिए प्रदेश व जिला स्तर पर मॉनिटरिंग कमेटी बनाई जाए।
इस दौरान उनके साथ सांसद जयप्रकाश, विधायक देवेंद्र हंस, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी, पूर्व सीपीएस सुल्तान सिंह जडोला, पूर्व विधायक रामभज लोधर, बलबीर वाल्मीकि सहित कई स्थानीय नेता व गणमान्य लोग मौजूद रहे।