सोनीपत | गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र में हुए पुलिस एनकाउंटर में मारे गए सोनीपत निवासी अरुण की मौत के बाद उसके घर पर मातम छा गया है। परिवार का आरोप है कि अरुण निर्दोष था और उसे फर्जी एनकाउंटर में मार गिराया गया।
मसूर विहार कॉलोनी निवासी अरुण के माता-पिता का कहना है कि वह बीते कई वर्षों से शुगर के गंभीर मरीज थे और इंसुलिन व दवाइयों पर निर्भर रहते थे। बीमारी के कारण वह किसी फैक्ट्री या नियमित नौकरी में काम भी नहीं कर पाते थे। परिजनों के मुताबिक बुधवार दोपहर तीन बजे अरुण ने घर पर बताया था कि वह दोस्तों के साथ हरिद्वार जा रहा है और सुबह तक लौट आएगा, लेकिन देर शाम उसकी मौत की खबर आ गई।
परिवार ने यह भी बताया कि हाल ही में उन्होंने कर्ज लेकर नया मकान बनाया था, जिसके लिए गांव का मकान और भैंसे बेचनी पड़ीं, यहाँ तक कि बेटियों के गहने भी गिरवी रखने पड़े।
पुलिस का दावा: अवैध हथियारों से फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में मारे गए
पुलिस का कहना है कि एनकाउंटर के दौरान अरुण और उसका साथी रविंद्र अवैध पिस्टल से फायरिंग कर रहे थे। जवाबी कार्रवाई में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने घटनास्थल से अवैध हथियार बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस के मुताबिक इस ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, उत्तर प्रदेश एसओजी और सोनीपत एसटीएफ की टीमें शामिल थीं। अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी में एसटीएफ की सरकारी गाड़ी भी निशाना बनी।