हिमाचल । हिमाचल प्रदेश में अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी घर बनाने के लिए भी अनुमति लेनी पड़ेगी।लोगो को अपने मकान का नक्शा टीसीपी विभाग की तर्ज पर बनवाना होगा, जो फिर पंचायत द्वारा स्वीकृत किया जाएगा. सरकार जल्द ही इस व्यवस्था का लागू करने जा रही है।जिसके तहत लोग बिना अनुमति के घर नही बना सकते है। यह फैसला सरकार ने पिछले 3 सालों से आपदा में हो रहे नुकसान को देखते हुए लिया गया है
नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि हिमाचल में घर बनाने के लिए पंचायत को अधिकार दिए जा रहे हैं जहां पर एक सिंपल डायग्राम बन बनकर पंचायत से घर बनाने की अनुमति दी जाएगी। इसका मकसद संयुक्त विकास है हिमाचल प्रदेश में लगातार आपदाएं आ रही और हर साल आपदाओं का सामना प्रदेश कर रहा है इन आपदाओं में नुकसान को कम कर सके लोगों को संपत्तियों को बचाया जा सके इसके लिए पंचायत की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। हालांकि जो बड़े भवन निर्माण है उसकी अनुमति टीसीपी ही देगा 600 स्क्वायर मीटर से ऊपर जितने भी निर्माण कार्य होंगे इसकी अनुमति टीसीपी से ही लनी पड़ेगी।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने भाजपा नेताओ को जीएसटी के स्लैब कम करने पर श्रेय लेने के बजाय देश की जनता से माफी मांगने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि जीएसटी स्लैब में कम होने से लोगों को काफी फायदा होगा। लेकिन कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी शुरू से ही इस टैक्स का विरोध कर रहे थे और इसे गब्बर सिंह टैक्स भी कर दे रहे थे और इसके सरलीकरण करने की मांग कर रहे थे । वही अब भाजपा इसका श्रेय लेने का काम काम कर रही है लेकिन उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए जो 2017 से 2025 तक अतिरिक्त टैक्स लेकर देश के लोगों का शोषण किया है।
सांसद कंगना रनौत द्वारा मुख्यमंत्री सहित कांग्रेस नेताओं पर लगातार टिप्पणी की जा रही है। वहीं राहुल गांधी को लेकर की गई टिप्पणी पर मंत्री राजेश धर्मानी ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कंगना रनौत के बयानों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेते हैं लेकिन भाजपा और आरएसएस के लोग अपनी बात सांसद कंगना रनौत के जरिए ही कहलाते हैं। गांधी परिवार हमेशा जिम्मेदारी से काम करते हैं यह राहुल गांधी की ही बात नहीं है गांधी परिवार ने आजादी से पहले भी और बाद में ही देश के लिए अपनी कुर्बानियां दी है।