चंडीगढ़। हरियाणा सरकार अपनी महत्वाकांक्षी ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए बड़े स्तर पर तैयारियाँ कर रही है। राज्यस्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम से पहले सरकारी अधिकारियों की छुट्टियाँ रद्द कर दी गई हैं, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही न हो।
22 और 23 सितंबर को भी कार्य जारी
सरकार के आदेश के अनुसार, नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID), समाज कल्याण विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी 22 और 23 सितंबर को भी काम करेंगे। राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। सभी अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि योजना के क्रियान्वयन में कोई ढिलाई न बरती जाए और जिम्मेदारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएँ।
25 सितंबर को राज्यस्तरीय शुभारंभ
लाडो लक्ष्मी योजना का ट्रायल चरण पहले ही सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और पूरे राज्य में कोई शिकायत नहीं आई है। अब योजना का औपचारिक शुभारंभ 25 सितंबर को पंचकूला में आयोजित भव्य राज्यस्तरीय कार्यक्रम में होगा, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मोबाइल ऐप लॉन्च करेंगे।
वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती
योजना की सुचारू लॉन्चिंग सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को विशेष ड्यूटी सौंपी गई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता) जी. अनुपमा और अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) सुधीर राजपाल जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं।
पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क
लाडो लक्ष्मी योजना का पंजीकरण पूरी तरह मुफ्त है। पात्र महिलाओं को किसी को भी पैसा देने की आवश्यकता नहीं है। अगर कोई पैसे की मांग करता है, तो महिला सीधे संबंधित थाना या महिला हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करवा सकती है।
योजना की पात्रता
- महिला की आयु कम से कम 23 वर्ष होनी चाहिए।
- पारिवारिक वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- महिला या उसका पति पिछले 15 वर्षों से हरियाणा का निवासी होना चाहिए।
हरियाणा सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में यह योजना एक मजबूत कदम है। अब यह देखना बाकी है कि यह योजना जमीनी स्तर पर कितनी सफल साबित होती है। फिलहाल, सरकारी स्तर पर तैयारियाँ पूरी तरह युद्धस्तर पर जारी हैं।