अंबाला | अंबाला शहर स्थित मां दुखभंजनी मंदिर उत्तरी भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां मां का स्नान दूध से कराया जाता है। हर वर्ष नवरात्र के तीसरे दिन, यानी मां चंद्रघंटा के दिन, यहां विशेष अनुष्ठान के तहत मां का दूध स्नान किया जाता है। मान्यता है कि जो भी महिला भक्त पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ इस दिन मां का दूध स्नान कराती है, उसे “दूधो नहाओ, पूतो फलों” का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
आज सुबह से ही भक्त मंदिर में पहुंचकर मां का दूध स्नान करवा रहे हैं। कुछ भक्त तो मां के भजनों पर नाचते और झूमते भी दिखाई दिए। मंदिर के पंडित पंकज ने बताया कि नवरात्र पर्व के पवित्र अवसर पर यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि तीसरे नवरात्र के दिन यह अनुष्ठान विशेष महत्व रखता है।
स्नान के बाद मां की पालकी पूरे शहर में निकाली जाएगी और अगले दिन मां का ताजपोशी समारोह आयोजित किया जाएगा, जो केवल प्रमुख मंदिरों में ही किया जाता है। यह धार्मिक आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष अनुभव और आशीर्वाद का अवसर प्रदान करता है।