Hamirpur, Arvind
नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, वोकेशनल एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की व्यवस्था परिवर्तन की नीति से हिमाचल प्रदेश को हर माह करोड़ों रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो रहा है।
धर्माणी बुधवार को सिद्धार्थ राजकीय डिग्री कॉलेज नादौन में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की चार दिवसीय अंतर-महाविद्यालय पुरुष कबड्डी प्रतियोगिता का शुभारंभ कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय के सीईओ (माईगॉव) डॉ. गोपाल गौतम विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में प्रदेश के लगभग 70 कॉलेजों की टीमें भाग ले रही हैं।
प्रदेश को विद्युत प्रोजेक्टों व अन्य उपक्रमों से हो रहा लाभ
मंत्री ने कहा कि कबड्डी जैसा पारंपरिक खेल आज ग्लैमर्स रूप में विश्व स्तर पर पहचान बना चुका है और युवा इसे करियर के रूप में भी अपना रहे हैं।उन्होंने बताया कि कड़छम-वांगतू जलविद्युत परियोजना से 18 प्रतिशत रॉयल्टी के रूप में प्रदेश को 150 करोड़ रुपये प्राप्त हो रहे हैं, जबकि होटल वाइल्ड फ्लॉवर हॉल से 1.77 करोड़ रुपये की आमदनी शुरू हुई है। इसके अलावा सार्वजनिक उपक्रमों को आवंटित परियोजनाओं, मेडिकल डिवाइस पार्क और औद्योगिक घरानों को भूमि आवंटन से जुड़ी व्यवस्थाओं में सुधार से आने वाले समय में हिमाचल को अरबों रुपये का राजस्व मिलने की संभावना है।
शिक्षा क्षेत्र का जिक्र करते हुए धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने खाली व अल्प विद्यार्थी संख्या वाले स्कूलों को मर्ज करने का निर्णय लेकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दिया है। इसी के परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक में 21वें स्थान से छलांग लगाकर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।