चंडीगढ़ | पंजाब मंत्रिमंडल ने बुधवार को व्यापारियों के लिए जीएसटी लागू होने से पहले के बकाया की वसूली के लिए एकमुश्त निपटान (OTS) योजना को मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत व्यापारी विभिन्न कानूनों के तहत लंबित बकाया राशि का भुगतान कर सकेंगे, जिसमें ब्याज और जुर्माने की छूट भी शामिल है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में मोहाली में एनआईए मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत स्थापित करने की मंजूरी भी दी गई। बैठक के बाद वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पत्रकारों को बताया कि मंत्रिमंडल ने 2022 में सतर्कता ब्यूरो द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार मामले में पंजाब के पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत के खिलाफ अभियोजन की भी मंजूरी दी है।
ओटीएस योजना के प्रमुख बिंदु
- यह योजना पंजाब मूल्य वर्धित कर अधिनियम 2005, केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम 1956, पंजाब बुनियादी ढांचा विकास और विनियमन अधिनियम 2002, पंजाब सामान्य बिक्री कर अधिनियम 1948, पंजाब मनोरंजन कर अधिनियम 1954 और 1955 के तहत लंबित बकाया मामलों पर लागू होगी।
- कुल 20,039 मामले इस योजना के तहत निपटाए जाएंगे।
- ब्याज और जुर्माना माफ किए जाएंगे, जिससे 20,000 से अधिक व्यापारियों को फायदा होगा।
चावल मिलों के लिए विशेष योजना
मंत्रिमंडल ने चावल मिलों से जुड़े 1,688 लंबित मामलों के लिए भी एकमुश्त निपटान योजना को मंजूरी दी है। इन मामलों में भी ब्याज और जुर्माना माफ किया जाएगा।
फाइनेंस मंत्री चीमा ने कहा, “हमने इन सभी मामलों में एकमुश्त निपटान व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है, ताकि व्यापारियों को राहत मिल सके और बकाया राशि की वसूली सुगम हो सके।