चंडीगढ़। हरियाणा सरकार शहरी बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी सड़क आधुनिकीकरण योजना पर काम शुरू कर रही है। बजट घोषणा के अनुसार, इस परियोजना के लिए 31 अक्टूबर तक सलाहकार नियुक्त किए जाएंगे और अप्रैल 2026 तक काम पूरा करने का लक्ष्य है।
योजना के पहले चरण में झज्जर जिले के बहादुरगढ़, कैथल के कलायत और राजौड़, करनाल के नीलोखेड़ी और तरौरी, पंचकूला, सोनीपत के गोहाना और यमुनानगर के रादौर को शामिल किया गया है। इन शहरों की प्रमुख सड़कों को अत्याधुनिक रूप दिया जाएगा।
दूसरे चरण में गुरुग्राम और फरीदाबाद की 100-100 किलोमीटर लंबी सड़कों का कायाकल्प किया जाएगा। इसके अलावा, सभी नगर निगम क्षेत्रों में 50-50 किमी, नगर परिषदों में 10-10 किमी और नगर पालिकाओं में 5-5 किमी सड़कों का आधुनिकीकरण होगा। प्रारंभिक चरण में ही लगभग 1000 किलोमीटर सड़कों को राइट ऑफ वे (ROW) मानकों के तहत विकसित किया जाएगा।
परियोजना का क्रियान्वयन शहरी स्थानीय निकाय विभाग करेगा। योजना के तहत फुटपाथ, सजावटी स्ट्रीट लाइटें, सड़क किनारे भवनों की एकरूपता और शहरी सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिन सड़कों का रखरखाव पहले लोक निर्माण विभाग के पास था, अब उनकी जिम्मेदारी भी निकाय विभाग को सौंपी गई है।
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि बजट घोषणाओं पर गंभीरता से काम हो रहा है। इस परियोजना से न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार होगा बल्कि शहरों को आधुनिक और आकर्षक रूप भी मिलेगा।