नई दिल्ली | इस साल दशहरा के मौके पर सोने की चमक फीकी रही और सोने की बिक्री में पिछले साल की तुलना में 25 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। शारदीय नवरात्र, दुर्गा पूजा और दशहरा हिंदुओं के लिए शुभ समय माना जाता है और आम तौर पर इस दौरान सोने व ज्वैलरी की खरीदी बढ़ जाती है। हालांकि इस बार टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन और कारों की बिक्री में अच्छी तेजी देखने को मिली, लेकिन सोने के कारोबारियों के लिए दशहरा निराशाजनक रहा।
सोने की बिक्री में गिरावट
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, इस साल दशहरा पर सोने के जेवर और बुलियन की कुल बिक्री केवल 18 टन रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 24 टन सोना बिक चुका था। इस प्रकार मांग में करीब 25 प्रतिशत की कमी आई।
बढ़ी कीमतें और महंगे चार्ज
IBJA के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता ने बताया कि बिक्री में गिरावट की मुख्य वजह सोने की उच्च कीमतें हैं। इस साल 24 कैरेट सोने का भाव 1.16 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम रहा, जो पिछले साल के 78,000 रुपए प्रति 10 ग्राम की तुलना में 48 प्रतिशत ज्यादा है। इसके अलावा, सोने पर 3% GST और गहनों के डिजाइन के अनुसार 15 से 30 प्रतिशत तक मेकिंग चार्ज भी लगता है। इन महंगी कीमतों के कारण कई ग्राहक नई खरीदारी से दूर रहे।
ग्राहकों की बदलती पसंद
सुरेंद्र मेहता ने यह भी बताया कि इस बार ग्राहक नए सोने की बजाय पुराने सोने की अदला-बदली पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। हालांकि कई लोग यह मान रहे हैं कि कीमतें जल्द ही कम नहीं होंगी, इसलिए आने वाले धनतेरस, दिवाली और शादियों के मौसम के लिए पहले से ऑर्डर बुक कर रहे हैं।
सोना और चांदी के रेट
IBJA के अनुसार, शनिवार सुबह 10 बजे 24 कैरेट सोने का 10 ग्राम रेट 1,16,833 रुपए था, जबकि चांदी (999, प्रति किलो) का भाव 1,35,010 रुपए रिकॉर्ड किया गया।
इस तरह, दशहरा पर सोने की चमक इस बार कीमतों के कारण फीकी पड़ गई, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले त्योहारी मौसम में सोने की मांग फिर से बढ़ सकती है।