अम्बाला | अम्बाला में नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी युवक सचिन को दोषी ठहराते हुए 20 साल की कैद और 20 हजार रुपए का जुर्माना सुनाया है। जुर्माने का भुगतान न होने पर आरोपी को अतिरिक्त 6 महीने की सजा भुगतनी होगी।
कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराया क्योंकि भ्रूण की डीएनए जांच में पता चला कि वह पीड़िता के बच्चे का जैविक पिता है। मामला करीब साढ़े 15 महीने से चल रहा था। कोर्ट ने पीड़िता के लिए मुआवजा अवॉर्ड नहीं किया।
पीड़िता की मां ने बताया कि बेटी के साथ 17 साल की उम्र में सचिन और उसके दोस्त ने दुष्कर्म किया था। आरोपी की उम्र उस समय 23 साल थी। नारायणगढ़ महिला थाना में 8 फरवरी 2024 को मां के बयान के आधार पर केस दर्ज किया गया था।
कोर्ट में बचाव पक्ष ने आरोपी की पहली बार अपराध करने, आपराधिक रिकॉर्ड न होने और परिवार की रोजी-रोटी के सहारे होने के कारण सजा में राहत की गुहार लगाई थी। वहीं, सरकारी वकील ने अधिकतम सजा की मांग की।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 3 अक्टूबर को फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि आरोपी ने पीड़िता को बार-बार यौन उत्पीड़न किया और पीड़िता गर्भवती हो गई, जिससे गर्भपात कराना पड़ा। कोर्ट ने इस प्रकार के अपराधों पर कड़ी चेतावनी दी और सख्त सजा सुनाकर समाज में संदेश देने पर जोर दिया।